उदास छोड़ गया वो मुझको , खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
Alone Shayari
Read and save more inspiring alone shayari — page 5 of our best alone status and lines collection.
Popular Alone Shayari
याद रखना भी हिम्मत का काम है, क्यूंकि भूल जाना तो आजकल आम है !!
कैसी है मुहब्बत तेरी महफिल में मिले तो अनजान कह दिया !! सन्हा जो मिले तो जान कह दिया..
अगर ख़ुशी मिलती है तुम्हे हम से जुदा होकर तोह दुआ है खुदा से की तुम्हे कभी हम न मिले
जो ज़ख़्म लगे हुए हैं दिल पर उनका मर्ज़ क्या होता है महफ़िल वालों तुम क्या जानो तन्हाई का दर्द क्या होता है....
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है,बस कोई दिल से नहीं मिलता
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं
कुछ नही मिलता बस एक सबक़ मिल जाता हैं, ख़ाक हो जाता हैं इंसान, ख़ाक से बने इंसान के पीछे।।
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते है
ढूंढ़ रहा हु लेकिन नाकाम हु अभी तक, वो लम्हा जिस में तुम याद ना आये,
सबको माफ करके सोया😴 करो जिंदगी कल की मोहताज नही होती.🙂
अब ये न पूछना की.. ये अल्फ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपना हाल सुनाता हूँ❤️🩹❤️🩹
किसी और का हाथ कैसे थम लू कही वह तन्हा मिल गई तो क्या जवाब दुगा ❤️🩹❤️🩹
अजीब खेल है ये मोहब्बत का किसी को हम न मिले कोई हमें ना मिला |
अल्फ़ाज़ के कुछ तो कंकर फ़ेंको, यहाँ झील सी गहरी ख़ामोशी है।”
शिकायत जिन्दगी से नहीं , उनसे है जो जिन्दगी में नहीं है
छोड़ कर जाने वाले क्या जानें , यादों का बोझ कितना भारी होता है ...
“जो रहते हैं दिल में, वो जुदा नही होते, कुछ अहसास लफ़्ज़ों में बयान नही होते
उसे ये कोन बतलाये, उसे ये कोन समझाए कि खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है
कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता , एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...
अगर तुम कहो तो मैं खुद को भुला दूं, तुम्हे भूल जाने की ताक़त नहीं है !!
कितना खुश था कभी मैं खुद की ही दुनियाँ में ये गैरों की मोहब्बत ने मुझे तबाह कर दिया |
फिर आ जाओ ज़िन्दगी में मैं फिर से जीना चाहती हूँ
सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
अजब पहेलियाँ हैं हाथों की लकीरों में सफ़र ही सफ़र लिखा हैं हमसफ़र कोई नहीं |
ज़ारो चेहरों में एक तुम दिल को अच्छे लगे, वरना ना चाहत की कमी थी ना चाहने वालो की.
मैंने उस शख्स को कभी हासिल ही नहीं किया, फिर भी हर लम्हा लगता है कि मैंने उसे खो दिया…..!
सच कहा था किसी ने कि तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है |
मुलाकात बनकर मिला था मुझ से कोई बड़ी जल्दी गुजर गया वक़्त की तरह.
वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा
अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !
खुद से ही बातें हो जाती हैं अब तो, लोग वैसे भी कहा सुनते हैं आज कल😇
हर वो शख़्स अकेला है ,जिसने सच्ची मोहब्बत की है.❤️🩹
अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो 😞
बहुत लड़ी मैं तुमसे पर तुम्हारी यादों से हार गई |
ठोकर खाया हुआ दिल है साहब भीड़ से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है.
गुजर तो जायेगी जिन्दगी उसके बगैर भी लेकिन तरसता रहेगा ये दिल प्यार करने वालो को देखकर
याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था, साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….!!!
क्या गिला करें उन बातों से क्या शिक़वा करें उन रातों से कहें भला किसकी खता इसे हम कोई खेल गया फिर से जज़बातों से
तेरी मुस्कान, तेरा लहज़ा, और तेरे मासूम से अल्फाज़..और क्या कहूँ... बस बहुत याद आते हो तुम..
मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
हो सके तो हमें भी माफ करना कभी मेरे साथ भी इंसाफ करना😇
हम तो आज भी अकेले नहीं रहते, हमारे अकेलेपन ने हमें अपना बना लिया है😇
दिल तक पहुँचने का रास्ता, वफ़ा के समंदर से होकर गुजरता है। हर लहर पे नाव बदलने वाले, मंजिल तक नही पहुँचा करते…
कभी मिले फुर्सत तो इतना जरुर बताना वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे ना दे सके
मुझे किस तरफ जाना है कोई खबर नहीं.... ए-दोस्तों, मेरे रस्ते खो गए….. मेरी मोहोब्बत की तरह.......!!!
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
मोत से पहेले भी ऎक मौत होती हे..! देखो जरा तुम जुदा होकर किसी से..!
खुद से बात कर के खुद से ही झगड़ता हूँ, तुम्हारे जाने के बाद अंदर से कितना उलझता हूँ....
कोई ठुकरा दे तो हसकर जी लेना, क्यूकि मोहब्बत की दुनिया में जबरदस्ती नहीं होती !
ख्वाहिश थी उस रिश्ते को बचाने की… और बस इक यही वजह थी मेरे हार जाने की…
यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....
कोरा कागज़ था और कुछ बिखरे हुए लफ़्ज़... ज़िक्र तेरा आया तो सारा कागज़ गुलाबी हो गया...!
दिसंबर तुझसे भी कोई शिकायत नहीं , मेरी बर्बादी में शामिल पूरा साल रहा .❤️🩹
चाहने वाले बहुत मिलते हैं,कदर करने वाले कोई कोई होते हैं❤️❤️
हिचकियां आती है तो पानी पी लेता हूँ, अब वो वहम छोड़ दिया है। कि कोई याद करता है..❤️🩹
निभा दिया उसने भी दस्तूर दुनिया का तो गिला कैसा पहचानता कौन है यहां मतलब निकल जाने के बाद...
अजब पहेलियाँ हैं हाथों की लकीरों में, सफ़र ही सफ़र लिखा हैं हमसफ़र कोई नहीं..😌😌
ये इनायतें गज़ब की, ये बला की मेहरबानी मेरी ख़ैरियत भी पूछी, किसी और की ज़बानी।❤️🩹🥀💫
कुछ भी नहीं ठहरा तेरी यादों के सिवा , ये दिसंबर भी गुजर जाएगा आहिस्ता आहिस्ता ...😇
मुझे नींद से ना जगाया करो, बस ख़्वाब ही तो एक ज़रिया है उनसे हर रोज़ मिलने का.✨🖐️🖐️
मोहब्बत तोह आज भी करते है, लेकिन तू बे -खबर है, कल की तरह.
मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता
धीरे धीरे सब छोड़ जाते हैं. दिसंबर तो फिर एक महीना है.🥺
तेरे पहलू मे जो वक्त हमने था गुजारा, लाख कोशिशें की पर बहुत मुश्किल था उसे भुलाना💔
दूरियां महज इतनी है तुमसे, सांसों में हो मग़र सामने नही।💔
तू उदास मत हुआ कर इन हज़ारो के बीच आखिर चांद भी तो तन्हा है सितारों के बीच
कभी नफ़रतों से मिला सुकून.. कभी मोहब्बतों ने रुला दिया.😊
तुम्हारे प्रेम की धुन मिली ही नहीं , मेरा आखिरी गीत , आज भी अधूरा है❤️🩹
मैं तेरे बाद किधर जाउंगा.. कौन लेता है किसी का छोड़ा हुआ दुख..!💔
काश कि तुम भी कोई दिसंबर होते ,साल के आखिर मे आ तो जाते 💔