ये रोना धोना किस बात का जो खोया है साथ लाये थे क्या
इस जिंदगी में कभी कुछ खत्म नही हो सकता, आपकी शुरुआत करना ही सबसे बेहतर है। 🙏
आशाओं के दीपक ही जीवन में अंधकार को मिटाते हैं🔥💯
जरा सी वक़्त ने करवट क्या ली, ❣️गैरों की लाइन में💯 सबसे आगे अपनों को पाया 😂हमने
जीत हमारे जीवन में खुशियाँ लाती है और हार हमारे जीवन जीना सिखाती हैं..!!💯
पल पल रंग बदलती है ये दुनिया और लोग पूछते है होली कब है ?
हमनें बुरा वक़्त देखा है साहब, हम किसी का बुरा नहीं करते.
अच्छे इंसान की तलाश मत करो, खुद अच्छे बन जाओ, शायद किसी की तलाश पूरी हो जाए.
मुझे दोस्ती में भी कोई तीसरा बर्दाश्त नहीं और तुम मोहब्बत की बात करते हो |
ना जाने कितनी कहानियां होगी उसके पास, वो शख्स जो किसी से बात नहीं कहता |
वो इतनी दूर रहने वाला शख्स, टकराया भी तो सीधा दिल से.
आजमाते हैं लोग सब्र मेरा, करके जिक्र बार-बार तेरा |
सपना जब हकीकत से टकरा जाये, तब जीत हकीकत की होती है .
यहाँ तो खुद से ही मिले जमाना हो गया, साहब और लोग कहते है की हमें भूल गये हो तुम !!
ए-खुदा एक आईना ऐसा भी बना दे जो चेहरा नहीं, नियत दिखा दे |
थोड़ा सुकून भी ढूँढिये जनाब ये जरूरतें तो कभी ख़त्म नहीं होगी
किसके लिए ज़न्नत बनाई हैं तूने ए-खुदा कौन हैं यहाँ जो गुनाहगार नहीं |
जहाँ कश्तियां जिद्द पर हों,वहाँ तूफान भी हार जाते हैं...

और कितना बर्बाद करोगे उसे,वो आज भी बोलता है "ज़रूरत पड़े तो बताना"
जिसे फ़िक्र थी कल की वो रोये रात भर, जिन्हें भरोसा था रब पर वो सोये रात भर....
कुछ लोग मुझे गलत समझते है तो मुझे बुरा नहीं लगता क्योकि वो मुझे उतना ही समझते है जितनी उनमे समझ है
किसी को भी खुश करने का मौक़ा मिले तो छोड़ना मत ऐ दोस्त वो फ़रिश्ते ही होते हैं, जो किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट दे पाते है ||
'दर्द सहते सहते इंसान सिर्फ हँसना ही नहीं, रोना भी छोड़ देता है।
बस इंतज़ार है मुझे मेरे वक़्त का हिसाब होगा हर एक जख्म का.
तुम फरमाइश तो करो, हम सुनेंगे जरूर, भले ख्वाहिश पूरा ना कर सके, लेकिन कोशिश करेंगे जरूर.
कभी आरजू थी की हर कोई जाने मुझे आज ये तलब है की गुमनाम ही रहूँ मैं
दिल तो खरीद लोगे जनाब.. पर उसमें इश्क कहां से लाओगे..!
ऐसे बनो के तुम नहीं, वो तुम्हें खोने से डरे |
बहुत अकेला कर दिया है मेरे अपनों ने मुझे ,समझ नहीं आता की मैं बुरा हूँ या मेरी किस्मत |
तूफान में कश्तियाँ और घमंड में हस्तियाँ डूब जाती हैं...

अफ़सोस तोह हैं मुझे तेरे बदल जाने का मगर तेरी कुछ बातों ने मुझे जीना सीखा दिया.
कुछ आएंगे कुछ जायेंगे, जो ठहर गया बस वही तुम्हारा
कभी-कभी की मुलाकात अच्छी है, कद्र खो देता है रोज़ का आना जाना.
तुझे गुरुर किस बात का है, मरने के बाद तेरे अपने भी छूकर हाथ धोएंगे..
अगर तस्वीरें सच बता पाती तो शायर बेरोज़गार हो जाते.
मुश्किल पड़े तो राह मांगते हैं ......फिर खुदा होने का सबूत मांगते हैं ...
खाली पनो कि तरह दिन पलटते जा रहे हैं खबर नहीं के ये आ रहे है या जा रहे हैं
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला
आजकल मोहब्बत कामयाब नही होती, बल्कि कामयाब लोगों से मोहब्बत होती है 💯
दिन हमारे शरीर के लिए है और रात हमारे भावनाओं, जज़्बातों के लिए🖤🖤
तुम एक कसम निभाने से डर गयी, मुझे तुम्हारी कसम दे कर हजारों ने लुटा..
तुम्हारा हुस्न भी ढल जायेगा मेरी जान, अब तो ताजमहल भी सफ़ेद ना रहा.
जब इंसान किसी चीज को पा लेता है, तो उस चीज की कदर खो देता है |
जरूर थोड़ा इश्क मिलाया होगा उसने, वरना खाली जहर से हम कहाँ मरते.
बेल का पेड़ से, लिपट जाना, ये मोहब्बत नहीं, जरूरत है !
चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कही कह ना दे कि ये हक तुम्हें किसने दिया.
किसी शायर से कभी उसकी उदासी कि वजह पूछना, दर्द को इतनी ख़ुशी से सुनाएगा कि प्यार हो जायेगा .
मेरा हाल देखकर मोहब्बत भी शर्मिदा है, कि ये शख़्स सब कुछ हार गया फिर भी जिन्दा हैं |
नजर तो मिला मुझसे, कोई ज़बाब तो दे, औऱ कितनी बार लूटेगी ए-ज़िन्दगी, कोई हिसाब तो दे |
दीपक बोलता नहीं उसका प्रकाश परिचय देता है ठीक उसी प्रकार आप अपने बारे में कुछ न बोले अच्छे कर्म करते रहे वही आपका परिचय देंगे
उम्र गुज़र रही है तराज़ू के पलड़ों में.....कभी रिश्तें भारी हो रहे है तो कभी अरमान....
अगर मोहब्बत मशवरा होती तो यकीन मानिये आपसे पूछ कर करते😜
एक बात याद रखना ढूढ़ने से वही मिलेंगे, जो खो गए है वो नहीं जो बदल गये है.
बुरा वक्त तकलीफ नहीं देता बुरे वक्त में मुँह मोड़ने वाले तकलीफ देते हैं |

वो आईने में खुद को कैसे बर्दास्त करती होगी, उसे तो नफरत थी धोखेबाजों से..
सच्ची मोहब्बत तो रुह से होती है....जिस्म तो बस प्यार जताने का एक ज़रिया होता है |
छोड़ आया वो आशियाना जो कभी हम दोनों ने मिल कर बनाया था.....अब तेरे दिल के मोहल्ले में भीड़ बहुत हो
गयी है |

मैं तो चाहता हूँ हमेशा मासूम बने रहना, ये जो जिंदगी है समझदार किये जाती है |
इश्क़ से उम्र का क्या वास्ता जनाब, पुरानी शराब अक्सर महंगी होती है...
वक़्त मोहताज़ कर गया ग़ालिब, वरना माँ के आँचल तले नवाब थे हम !!
तन की खूबसूरती एक भ्रम है.. सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है.. चाहे तो दिल "जीत" ले.. चाहे तो दिल "चीर" दे"
जलने और मरने पर उतना ही फर्क है जितना तुम में और मुझ में।❣️
मोहब्बत का नतीजा, दुनिया में हमने बुरा देखा, जिन्हे दावा था वफ़ा का, उन्हें भी हमने बेवफा देखा😓💯
हर दरबार में जा कर मांगा है तुम्हें, हलवा मिल जाता है, तुम नहीं..
बस ख़तम कर ऐ बाज़ी-ए-इश्क ग़ालिब, मुकद्दर के हारे कभी जीता नहीं करते .

फिर एक बार मोहब्बत करनी है तुमसे, लेकिन इस बार बेवफाई हम करेंगे .
उनकी पलकों से शुरू हुई दास्तान-ए-मोहब्बत, जिनका झुकना भी कयामत जिनका उठना भी कयामत |
वो कह रहे थे कि कैंसर से ज़्यादा दर्द कोई दे नहीं सकता...मैंने कहा तुम मेरी वाली से मोहब्बत करके तो देखो |
क्यूँ याद करेंगे मुझे कोइ बेवजह, ए खुदा ! लोग तो तुझे भी बिना वजह याद नहीं करते |
बुरे कर्म करने नहीं पड़ते है हो जाते है और अच्छे कर्म होते नहीं करने पड़ते है
खुशी के लिए काम करोगे तो खुशी नहीं मिलेगी , लेकिन खुश होकर काम करोगे तो खुशी जरूर मिलेगी |
उम्मीद आपको कभी छोड़ कर नहीं जाती, बल्कि आप ही उसे छोड़ देते हैं💯

उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत, हम तो बस भरोसे पे बिक गए.
तोड़ क्र जोड़ लो चाहे हर चीज़ दुनियां की.. सब कुछ काबिल-ए-मरम्मत है ..ऐतबार के सिवा....
कहा मिलता है कोई समझने वाला, जो भी मिलता है समझा के चला जाता है |
याद आने की वज़ह बहुत अजीब हैं, तुम्हारी तुम वो गैर थे जिसे मैंने एक पल में अपना माना
इश्क़ दर्द का वो तूफ़ान है जो दिलों कि बस्तियों को तबाह कर देता है |
अगर आप खुश हो तो ये दुनियाँ रंगीन लगती है...वर्ना नम आँखों से तो आईना भी धुँधला नज़र आता है |
तुम निभा ना सके वो अगल बात है, पर तुमने बादे तो बड़े कमाल के किये थे.
बांसुरी से सीख ले ऐ जिन्दगी एक नया सबक लाख सीने में जख्म हो फिर भी गुनगुनाना चाहिए
इस दुनिया में मोहब्बत कि तक़दीर बदलती हे, शीशा तो वोही रहता हे पर तस्वीर बदलती हे.
जिसको आज मुझमे हजारो गलतिया नजर आती हैं कभी उसी ने कहा था तुम जैसे भी हो मेरे हो |
हम अब कैसे करें तेरे प्यार को खुद के काबिल जब हम आदतें बदलतें हैं, तुम अपनी शर्तें बदल देते हो।
मौत तो मेरी महबूबा बनती जा रही है आज-कल, सारी शिकायतें तो मुझे मेरी ज़िन्दगी से हैं |