वो किसी और का हो कर कहता है तुम्हारी जगह कोई नहीं ले सकता 💔

19

लूट लेते हैं अपने ही वरना गैरों को कहा पता इस दिल की दीवार कहाँ से कमज़ोर है...✌️✌️

16

एक ख्याल ही तो हूँ मैं, याद रहे तो रख लेना, वरना सौ बहाने मिलेंगे मुझे भूल जाने के💔

18

दिसंबर से कह दो जरा आहिस्ता गुजरे , मुझे उसकी यादों को आग लगानी है ❤️‍🔥

17

धोखा एक ने दिया ' नफ़रत सबसे हो गई ...💔

48

फिदा हुए थे तुम पर तुम्हारी मासूमियत देखकर यार तुम तो बड़े बेरहम निकले..🖤✌️😔

36

अपनी मुहब्बत तो एक साल भी ना चल सका, पता नही लोगों का वर्षों-वर्षों तक कैसे चल जाता है!💔

14

वो मिला ऐसे जैसे कभी जाएगा ही नहीं, गया ऐसे, जैसे कभी मिला ही नहीं..❤️‍🩹

27

वादा था मुकर गया, नशा था उतर गया ! दिल था भर गया, इन्सान था बदल गया.❤️‍🩹

44

कटी हुई टहनियाँ कहाँ छाँव देती हैं। हद से ज्यादा उम्मीदें हमेशा घाव देती हैं❤️‍🩹

17

चेहरो पे मरने वाले दिलों की कद्र नही करते..❤️‍🩹

29

तक़दीर बनाने वाले तूने हद कर दी तक़दीर में किसी और का नाम लिखा और दिल में चाहत किसी और की भर दी..❤️‍🩹

18

धीरे धीरे तो बस नज़दीकियां ही बढ़ती है, रिश्ते तो अक्सर एकदम से ही टूटा करते है.💔💯

44

वो सिर्फ मेरी थी, लेकिन सिर्फ मेरे सामने

132

हम रिश्ते कम बनाते है मगर दिल से निभाते है

201

बहुत करीब आकर बताया उसने कि तुम्हारा नहीं हूं मैं....

276

याद करोगे एक दिन मुझे ये सोच कर की क्यों नहीं कदर की मैंने उसके प्यार की

259

पता है तकलीफ क्या है किसी को चाहना फिर उसे खो देना और खामोश हो जाना

258

कभी मौका मिले तो सोचना ज़रूर कि एक लापरवाह शख़्स तेरी इतनी परवाह क्यूं करता है

297

हमने तो एक ही शख्स पर चाहत खत्म कर दी अब मोहब्बत किसे कहते हैं हमे मालूम नहीं

196

हमे नहीं आता दर्द का दिखावा करना बस अकेले रोते हैं और सो जाते हैं

183

जब तेरी याद आती है ना आँखे तोह मान जाती है पर यह कम्बख्त दिल रो पड़ता है

135

हमारा उसका अब रिश्ता न पूछो तालुक तो है मगर टुटा हुआ है

177

समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से, अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर इनकी ज़रूरत पड़ेगी

306

खुश हो ना हमारा प्यार अधूरा रह गया.. पर तेरा टाइमपास पूरा हो गया ..

881

जिस दिल में तेरा नाम बसा था हमने वो दिल तोड़ दिया ना होने दिया बदनाम तुझे तेरा नाम ही लेना छोड़ दिया

510

शक करना गलत था पर शक बिलकुल सही था

867

वो जो कल रात चैन से सोया हैं , उसको खबर भी नहीं कोई उसके लिए कितने रोया हैं..

324

आवाज़ नहीं होती दिल टूटने की. लेकिन तकलीफ बहुत होती हैं.

208

मत करो उसके मैसेज का इन्तजार जो ऑनलाइन तो है पर किसी और के लिया..

556

लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं , मैं अर्सों से खामोश हूँ वो बरसों से बेखबर है

171

मिल सके आसानी से उसकी खवाहिश किसे है , ज़िद्द तो उसकी है जो मुक्कदर में लिखा ही नहीं है

152