इश्क़ कर लीजिये बेइंतेहा किताबों से, एक यही हैं जो अपनी बातों से पलटा नहीं करतीं।

हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं...लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...

ज़िन्दगी में कभी कभी ऐसे पल भी आते है जहाँ इंसान या तो पूरा डूब जाता या तो पार उतर जाता।

हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नहीं चाहते...

तुम शब्दों की बात करते हो, यहाँ जज़्बात बिखरे पड़े हैं।

समय, सत्य, सम्पति और शरीर चाहे साथ दे न दे…..लेकिन स्वभाव, समझदारी और सच्चे सम्बन्ध हमेशा साथ देते है....🙏

तुम मुझे कभी अपनी... ना छूटने वाली आदत नही बना सकते क्या"...??🤔

सबसे बेहतरीन नज़र वो हैं, जो.... अपनी कमियों को देख सके 🙏

मुझे रात को सूरज नहीं दिखाई देता क्या यही अंधा प्यार है ?

मुड़कर नहीं देखते .....अलविदा के बाद ...कई मुलाकातें ...बस ...इसी गुरुर ने खो दीं ...

तसल्ली के भी नख़रे बहुत हैं.. लाख कोशिशें कर लो मिलती ही नही है....

रिश्तों में निख़ार सिर्फ हाथ मिलाने से नहीं आता ,विपरीत हालातों में हाथ थामें रहने से भी आता है...

तन्हाई हमें अपने-आप से मिलती है दुसरों से नहीं

तन्हाई हमें अपने-आप से मिलती है दुसरों से नहीं

अहसास दस्तक की मोहताज नहीं होती.. खुश्बू है तो बंद दरवाजे से भी गुजर जाएगी...

गलतफहमी में जीने का मजा ही कुछ और है वरना हकीकते तो अक्सर रुला ही जाती है..

कैदी हैं सभी यहाँ कोई ख्वाबों का कोई ख्वाईशों का...

जिंदगी कुछ ख्वाब तुम ने तोड़ दिए, और कुछ हमने देखने छोड़ दिए..

दुनिया मे कोई किसी का नही होता..लाख निभाओ रिश्ता कोई अपना नही होता...

कोई भी रिश्ता न होने पर भी जो रिश्ता निभाता है....वो रिश्ता एक दिन दिल की गहराइयों को छू जाता है....

तमाम जख्मो के साथ इसलिये जी रही हुँ की , एक दिन तो वो मिलेगा जो मरहम लगाना जानता हो

बस कीमत बता तू मुझे मोहब्बत से रिहाई की बहुत तकलीफ होती है तेरी यादों की सलाखों में

ये शीशे,ये सपने,ये रिश्ते और ये जिंदगी, किसे क्या खबर है... कंहा टूट जायेंगे...

सवाल करने वाले तो बहुत मिलते है , लेकिन बिना सवाल किये ख्याल रखने वाले नसीब से मिलते है

कितना अजीब है ये फलसफा जिंदगी का, दूरियां सिखाती है..नजदीकियां क्या होती है..

जिंदगी थम सी गई है..पर वक्त है कि फिसलता ही जा रहा है 👈

नाम देने से कौन से रिश्ते सँवर जाते हैं , जहाँ रूह न बँधे दिल बिखर जाते हैं...

साझेदारी करो तो किसी के दर्द की करो... क्योंकि खुशियों के तो दावेदार बहुत हैं ...

जहाँ हमारी क़दर ना हो ,वहाँ रहना फिज़ूल है.... चाहे किसी का घर हो ,चाहे किसी का 💘 दिल...

बोझ सीने पे बहुत है... पर मुस्कुरा देने में क्या लगता है.

"जिस्म तो बहुत संवार चुके रूह का श्रंगार कीजिये, फूल शाख से न तोडिये खुशबुओं से प्यार कीजिये.

"इस साल गर्मी तो बहुत पड़ रही है फिर भी तेरा दिल पिघलने का नाम नहीं ले रहा❤"

ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे, जिस दिन तुम ज़िन्दगी में आये , यकीन भी हो गया।।

"बहुत कोशिशें की हैं तम्हें भूल ने की पर कमबख्त दिल तो बच्चा है जी , हर ज़िद कर बैठा था है तम्हें रोज़ याद करने की।"

"ये इश्क़ के घाव बहुत गहरे है, दर्द भी देते हैं और भरते भी नही"

"मुझे उस जगह से भी मोहब्बत हो जाती है जहां बैठ कर तुझे सोच लेती हू

"वो इश्क़ मे शायद हमारा इम्तिहान ले रहे है , लेकिन उन्हे क्या मालूम वो हमारी जान ले रहे है

मैं जानती हूँ फासला बहुत है दरमियाँ , ये दिल ही कमबख्त ना कुछ समझे तो क्या करूँ

अजीब रंग में गुजरी हे जिंदगी अपनी, दिलो पर राज़ किया और मोहब्बत को तरसे !

जरूरी नही कि हर शख्स हमसे मिलकर खुश हो , मगर हमारी कोशिश यह रहे कि हमसे मिलकर कोई दुखी न हो

एक चाहत होती है अपनों के साथ जीने की, वरना पता तो हमें भी है की मरना अकेले ही है...

मैं जैसी हूँ वैसी रहने दो गर बिगड़ गयी तो संभाली न जाऊंगी

मेरा दर्द किसी की हसने की वजह जरुर बन सकता है, लेकिन मेरी हंसी किसी के दर्द की वजह नहीं बननी चाहिए

आपके वजूद से हैं मेरी मुक़म्मल कहानी, मैं खोखली सीप और आप मोती रूहानी

काश कोई मिले इस तरह की फिर जुद़ा ना हो, जो समझे मेरे मिजाज़ को और कभी मुझसे खफ़ा ना हो...

निगाह हर तरफ़ ढूँढने लगी है , तुम कहाँ छुप गये हो धड़कन पूछने लगी है...

उम्र गुज़र जायेगी पर कोई तुमसा ना मिलेगा , लोग यूँ ही कहते हैं ढूँढने से सब मील जाता है..

कभी फुर्सत में समझना मुझे . खुदा कसम आंख भर जाएगी तुम्हारी .......

याद इतना भी कोई न आए , दिल की नाजुक रगें टूटती जाए ...▫▫▫❤

जिंदगी में सबसे ज्यादा दर्द दिल टूटने पर नही , यकीन टूटने पर होता हैं.

बादल चाँद को छुपा सकता हैं आकाश को नही ,हम सबको भूला सकते हैं आपको नही..

अकेले ही गुजरती है जिन्दगी , लोग तसल्लियाँ तो देते है पर साथ नहीं...

हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम

अगर इश्क करो तो आदाब_ए_वफ़ा भी सीखो , ये चंद_दिन की बेकरारी मोहब्बत नहीं होती.....

तसल्ली के भी नख़रे बहुत हैं.. लाख कोशिशें कर लो मिलती ही नही है....

ये प्यार भी कितना अजीब होता है ना . .चाहे वो कितनी भी तकलीफ दे फिर भी सुकून सिर्फ उसी के पास मिलता है

तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है, ख़ुशबू खुद बता देती है कौन सा फ़ूल है....