एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में, रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है।

जो इन्सान धीरज रख सकता है.. वह अपनी इच्छानुसार सब कुछ पा सकता है..!!

जितना सुन सको कान👂 से, उतना ही बोलो जुबान👅 से..।

जिस सच को सही वक़्त पर बताया ना जाये वो झूठ बन जाता है।

दोष काँटो का नही हमारा ही था जनाब, हमने ही पैर रखा था, वो तो अपनी जगह ही थे

वो संस्कारी थी जब तक सहती रही,बदतमीज़ हो गई जब बोल पड़ी।

बेवज़ह से अच्छे बनिये जनाब वजह से तो हज़ारो बने फिरते है।

रिश्ते रखने है तो सबसे रखो जनाब बस उम्मीद किसी से ना रखो।

जब सच का पता हो तो झूठ सूनने में भी बड़ा मज़ा आता है।

कर्म अच्छे होने चाहिये क्योंकि वक़्त किसी का नही होता।

कलयुग नहीं मतलबीयुग युग चल रहा।

खटखटाते रहिए दरवाजा एक-दूसरे के मन का मुलाक़ातें न सही, आहटें होती रहनी चाहिए...

दिल साफ़ करके मुलाक़ात की आदत डालो, धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं।

कामयाबी तक, जाने वाले रास्ते, सीधे नहीं होते, लेकिन, कामयाबी मिलने के बाद, सभी रास्ते, सीधे हो जाते हैं ।

अधूरेपन की अपनी ही खूबसूरती है,कुछ बातें अधूरी ही सही।

सलाह ये थी के हर बात याद नहीं रखनी,मसला ये हुआ के उसने हमें ही भूला दिया

रिश्ते इसलिए भी नहीं सुलझ पाते क्योंकि लोग गैरो की बातों में आकर अपनों से ही उलझ जाते है।

जितना अधिक लोगो को सुधारने में वक़्त बर्बाद करोगे उतना ही वो आपको दुश्मन मानेंगे बेहतर है खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहना।

मोह ख़त्म होते ही खोने का डर निकल जाता है.. चाहे दौलत हो, वस्तु हो, रिश्ता हो या जिंदगी हो......

मन खुश है तो एक बूँद भी बरसात है ..दुखी मन के आगे समंदर की भी क्या औकात है..

काग़ज़" के नोटों से सबकुछ नहीं खरीदा जा सकता क्योंकि किस्मत परखने के लिए तो आज भी "सिक्का" ही उछालना पड़ता हैं ...!!

किससे बयान करूँ मैं अपने दर्द को सुनने वाले तो बहुत हैं मगर समझने वाला कोई नही

मन ख्वाहिशों मे अटका रहा और ..जिंदगी हमें जी कर चली गई

उम्र गुज़र रही है तराज़ू के पलड़ों में.....कभी रिश्तें भारी हो रहे है तो कभी अरमान....

ये साला प्यार भी Cricket की तरह है, दिमाग Out हो जाता है और दिल Appeal करता रहता है....... 😝

किसी को नफरत है मुझसे और कोई प्यार कर बैठा... किसी को यकीन नहीं मेरा और कोई ऐतबार कर बैठा...

कितनी क़ातिल है ये आरज़ू ज़िंदगी की....मर जाते है किसी पर लोग जीने के लिए...

एक खता रोज कर रहे है हम, जो मिलेगा नहीं उसी पर मर रहे है हम...

प्यार करने वाले बहुत मिलेंगे, हमे तो साथ देने वाला चाहिए

ढूंढ रही हूँ खुद को कही बदल सी गई हूँ

कुछ लोग जाहिर नहीं करते, मगर परवाह बहुत करते हैं।

शिकायत नही करनी बस इतना सुन लो.. मैं खामोश हूँ, और वजह तुम हो..

कुछ हसरतें अधूरी ही रह जायें तो अच्छा है, पूरी हो जाने पर दिल खाली सा हो जाता है..

दुख भी कितना अजीब है खुद पर बीतता है, तो सच लगता है औरो पर बीते तो ड्रामा..

एक वक़्त था जब हम सोचते थे की हमारा भी वक़्त आएगा और एक ये वक़्त है की हम सोचते है की वो भी क्या वक़्त था

बंद कर दिए हैं हमनें दरवाजे भी ख्वाइशों के पर तेरी याद हैं जो दरारों से भी चलीं आती हैं.!!

नशा कोई भी हो जान लेवा ही होता है ..यकीन तब हुआ जब तेरी लत लगी...😘😘

बुरा वक्त तकलीफ नहीं देता, बुरे वक्त में मुँह मोड़ने वाले तकलीफ देते है

ऐसे माहौल में ‘दवा क्या है ? - दुआ क्या हैं ? जहाँ कातिल ही खुद पूछे की ‘हुआ क्या हैं..

जो भी कतराते हों साथ चलने में...राह बदलने का उनको बहाना दे दो...

मुझे फुर्सत कहाँ की मौसम सुहाना देखूं,, तेरी यादों से निकलूँ तभी तो जमाना देखूं।

अरमान उतने ही अच्छे... जहां स्वाभिमान बेचने की ज़रूरत ना पड़े..

मोह ख़त्म होते ही खोने का डर निकल जाता है, चाहे दौलत हो, वस्तु हो, रिश्ता हो या जिंदगी हो......

मेरे अल्फ़ाज़ ही मेरा किरदार बताते है..किसी के दिल को छूते है और किसी के दिल को लग जाते है...

कुछ लोग बहुत अच्छे होते है लेकिन सिर्फ शक्ल के ।।

वक़्त निकल जाने के बाद कदर की जाए तो वो कदर नहीं अफ़सोस कहलाता है

वो बात कुछ और थी जब हम साथ थे ❤️

खूबसूरती दिल और ज़मीर की होनी चाहिए लोग बेवजह ही शक्ल और कपड़ो की तारीफ़ करते है।

भरोसा, दुआ, वफा, ख्वाब, मन, मोहब्बत कितने नामों में सीमटे हो सिर्फ एक "तुम"..

कोई इश्क करें और उसे दर्द ना हो, कमाल करते हो जनाब.. दिसंबर की रात हो और सर्द ना हो..

साथ वही है जो...दूर रह कर भी महसूस होता है.....

ज़रा सी दोस्ती कर ले.. ज़रा सा हम नशी बन जा, थोडा तो साथ दे मेरा ...फिर चाहे अजनबी बन जा

जुदा होना इतना आसान होता, तो जिस्म से रूह को लेने कभी फरिश्ते नही आते..

बात तो दिल मे उतर जाने की हुई थी...तुम तो नजरों से उतरते गये 🤔

तू जिस रफ्तार से निकल रही है जिंदगी , एक चालान तो तेरा भी बनता है.....

सिंगल रहना मंजूर है लेकिन अपने मज़े और टाइम पास के लिए किसी के साथ खिलवाड़ करना मंजूर नही ।।

इतनी नजरअंदाजी भी ठीक नहीं,.....जाने कौन सी बात, मेरी आखिरी बात हो जाए..

करता नही है कोई कद्र यहाँ किसी के अहसासों की...हर किसी को फिक्र है बस मतलब के ताल्लुक़ातो की.

मेरी ख़ामोशी से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता और शिकायत में दो लफ्ज़ कह दूँ तो वो चुभ जाते है

इतना भी हमसे नाराज़ मत हुआ करो, बदकिस्मत ज़रूर हैं हम मगर बेवफा नहीं..

मुकद्दर में लिखा के लाये हैं दर-ब-दर भटकना.. मौसम कोई भी हो परिंदे परेशान ही रहते हैं...

कुछ "रिश्ते"..."किराए" के..."मकान" जैसे होते हैं.....उन्हें कितना भी...सजालो पर...वो कभी अपने नही होते.....

लफ्ज 'साढ़े' तीन ही थे, कभी 'प्यार' बन गए तो कभी 'ख्वाब........

कीमत दोनों की चुकानी पड़ती है बोलने की भी और चुप रहने की भी.... 😔😔😔

उनको डर है की हम उन के लिए जान नही दे सकते, और मुझे खौफ है की वो रोएंगे बहुत मुझे आज़माने के बाद...

इश्क़ कर लीजिये बेइंतेहा किताबों से, एक यही हैं जो अपनी बातों से पलटा नहीं करतीं।

हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं...लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...

ज़िन्दगी में कभी कभी ऐसे पल भी आते है जहाँ इंसान या तो पूरा डूब जाता या तो पार उतर जाता।

हमने तुम्हें उस दिन से और ज़्यादा चाहा है, जबसे मालूम हुआ के तुम हमारे होना नहीं चाहते...

तुम शब्दों की बात करते हो, यहाँ जज़्बात बिखरे पड़े हैं।

समय, सत्य, सम्पति और शरीर चाहे साथ दे न दे…..लेकिन स्वभाव, समझदारी और सच्चे सम्बन्ध हमेशा साथ देते है....🙏

सबसे बेहतरीन नज़र वो हैं, जो.... अपनी कमियों को देख सके 🙏

मुझे रात को सूरज नहीं दिखाई देता क्या यही अंधा प्यार है ?

मुड़कर नहीं देखते .....अलविदा के बाद ...कई मुलाकातें ...बस ...इसी गुरुर ने खो दीं ...

तसल्ली के भी नख़रे बहुत हैं.. लाख कोशिशें कर लो मिलती ही नही है....

रिश्तों में निख़ार सिर्फ हाथ मिलाने से नहीं आता ,विपरीत हालातों में हाथ थामें रहने से भी आता है...

तन्हाई हमें अपने-आप से मिलती है दुसरों से नहीं

तन्हाई हमें अपने-आप से मिलती है दुसरों से नहीं

अहसास दस्तक की मोहताज नहीं होती.. खुश्बू है तो बंद दरवाजे से भी गुजर जाएगी...

गलतफहमी में जीने का मजा ही कुछ और है वरना हकीकते तो अक्सर रुला ही जाती है..

कैदी हैं सभी यहाँ कोई ख्वाबों का कोई ख्वाईशों का...

जिंदगी कुछ ख्वाब तुम ने तोड़ दिए, और कुछ हमने देखने छोड़ दिए..

दुनिया मे कोई किसी का नही होता..लाख निभाओ रिश्ता कोई अपना नही होता...

कोई भी रिश्ता न होने पर भी जो रिश्ता निभाता है....वो रिश्ता एक दिन दिल की गहराइयों को छू जाता है....

तमाम जख्मो के साथ इसलिये जी रही हुँ की , एक दिन तो वो मिलेगा जो मरहम लगाना जानता हो

बस कीमत बता तू मुझे मोहब्बत से रिहाई की बहुत तकलीफ होती है तेरी यादों की सलाखों में

ये शीशे,ये सपने,ये रिश्ते और ये जिंदगी, किसे क्या खबर है... कंहा टूट जायेंगे...

सवाल करने वाले तो बहुत मिलते है , लेकिन बिना सवाल किये ख्याल रखने वाले नसीब से मिलते है

कितना अजीब है ये फलसफा जिंदगी का, दूरियां सिखाती है..नजदीकियां क्या होती है..

जिंदगी थम सी गई है..पर वक्त है कि फिसलता ही जा रहा है 👈

नाम देने से कौन से रिश्ते सँवर जाते हैं , जहाँ रूह न बँधे दिल बिखर जाते हैं...

साझेदारी करो तो किसी के दर्द की करो... क्योंकि खुशियों के तो दावेदार बहुत हैं ...

जहाँ हमारी क़दर ना हो ,वहाँ रहना फिज़ूल है.... चाहे किसी का घर हो ,चाहे किसी का 💘 दिल...

बोझ सीने पे बहुत है... पर मुस्कुरा देने में क्या लगता है.

"जिस्म तो बहुत संवार चुके रूह का श्रंगार कीजिये, फूल शाख से न तोडिये खुशबुओं से प्यार कीजिये.

"इस साल गर्मी तो बहुत पड़ रही है फिर भी तेरा दिल पिघलने का नाम नहीं ले रहा❤"

ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे, जिस दिन तुम ज़िन्दगी में आये , यकीन भी हो गया।।

"बहुत कोशिशें की हैं तम्हें भूल ने की पर कमबख्त दिल तो बच्चा है जी , हर ज़िद कर बैठा था है तम्हें रोज़ याद करने की।"

"ये इश्क़ के घाव बहुत गहरे है, दर्द भी देते हैं और भरते भी नही"

"मुझे उस जगह से भी मोहब्बत हो जाती है जहां बैठ कर तुझे सोच लेती हू

"वो इश्क़ मे शायद हमारा इम्तिहान ले रहे है , लेकिन उन्हे क्या मालूम वो हमारी जान ले रहे है

मैं जानती हूँ फासला बहुत है दरमियाँ , ये दिल ही कमबख्त ना कुछ समझे तो क्या करूँ

अजीब रंग में गुजरी हे जिंदगी अपनी, दिलो पर राज़ किया और मोहब्बत को तरसे !

जरूरी नही कि हर शख्स हमसे मिलकर खुश हो , मगर हमारी कोशिश यह रहे कि हमसे मिलकर कोई दुखी न हो

एक चाहत होती है अपनों के साथ जीने की, वरना पता तो हमें भी है की मरना अकेले ही है...

मैं जैसी हूँ वैसी रहने दो गर बिगड़ गयी तो संभाली न जाऊंगी

मेरा दर्द किसी की हसने की वजह जरुर बन सकता है, लेकिन मेरी हंसी किसी के दर्द की वजह नहीं बननी चाहिए

आपके वजूद से हैं मेरी मुक़म्मल कहानी, मैं खोखली सीप और आप मोती रूहानी

काश कोई मिले इस तरह की फिर जुद़ा ना हो, जो समझे मेरे मिजाज़ को और कभी मुझसे खफ़ा ना हो...

निगाह हर तरफ़ ढूँढने लगी है , तुम कहाँ छुप गये हो धड़कन पूछने लगी है...

उम्र गुज़र जायेगी पर कोई तुमसा ना मिलेगा , लोग यूँ ही कहते हैं ढूँढने से सब मील जाता है..

कभी फुर्सत में समझना मुझे . खुदा कसम आंख भर जाएगी तुम्हारी .......

याद इतना भी कोई न आए , दिल की नाजुक रगें टूटती जाए ...▫▫▫❤

जिंदगी में सबसे ज्यादा दर्द दिल टूटने पर नही , यकीन टूटने पर होता हैं.

बादल चाँद को छुपा सकता हैं आकाश को नही ,हम सबको भूला सकते हैं आपको नही..

अकेले ही गुजरती है जिन्दगी , लोग तसल्लियाँ तो देते है पर साथ नहीं...

हर रोज़, हर वक़्त तुम्हारा ही ख्याल ना जाने किस कर्ज़ की किश्त हो तुम

अगर इश्क करो तो आदाब_ए_वफ़ा भी सीखो , ये चंद_दिन की बेकरारी मोहब्बत नहीं होती.....

तसल्ली के भी नख़रे बहुत हैं.. लाख कोशिशें कर लो मिलती ही नही है....

ये प्यार भी कितना अजीब होता है ना . .चाहे वो कितनी भी तकलीफ दे फिर भी सुकून सिर्फ उसी के पास मिलता है

तारीफ़ अपने आप की करना फ़िज़ूल है, ख़ुशबू खुद बता देती है कौन सा फ़ूल है....