तू इतना भी बेहतरीन नही , जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !

हमे खो दोगे तो पछताओगे बहुत, ये आखरी गलती जरा सोच समझकर करना…

हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर , खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो , वफा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब हुआ करते हैं

हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

अपुन की जिंदगी ताश के इक्के की तरह हे , जिसके बगेर रानी और बादशाह भी अधूरे हे

मेरे बारे में इतना मत सोचना , दिल में आता हु , समज में नही

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

लोग केहते है की मेरे दोस्त कम है लेकीन, वोह नही जानते की मेरे दोस्तो मे कीतना "दम" हैं

जरा मुस्कुरा के देखो, दुनिया हँसती नजर आएगी

आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके

ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना.. जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी

मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है

जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं

तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे

खेल ताश का हो या जिंदगी का , अपना इक्का तब ही दिखाना जब सामने बादशाह हो

हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है

हमारे जिँदगी की कहानी कूछ ऐसी है जिसमे Hero भी हम और Villain भी हम

गमंडी लड़किया मुझसे दूर ही रहे क्यूंकि मनाना मुझे आता नहीं और भाव में किसी को देता नही

जो लडकिया मुझे bad boy केहेती है...शायद उन्हें ए नही पता की शेहेजादे कभी सुधरे हुए नही होते

Ek वो ‪pagali‬ हैं जो मुझे समजती nahi..Or यहाँ Jamana मेरे ‪Status‬ ko dekhke दीवाना हुआ Ja रहा है

वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है

रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे , क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती

हम अपना ‪#‎status‬ दिलो पर ‪#‎update‬ करते है ‪#‎facebook‬ पर नहीं|

दुश्मनों से मोहब्बत होने लगी है… जब से अपनों को अजमाते चले गए॥

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

दिमाग कहता है मारा जायेगा लेकिन दिल कहता है देखा जाएगा

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!

“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!

महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!

क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!

जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!

ख़्वाहिशों का कैदी हूँ,मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!

माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं

मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।

ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको

वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!

हम अपना ‪status‬ दिलो पर ‪update‬ करते है ‪WhatsApp पर नहीं

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..