जरा सा भी नहीं पिघलता दिल तुम्हारा, इतना क़ीमती पत्थर कहाँ से खरीदा ..❤️‍🔥

अजीब खेल है ये मोहब्बत का, किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला।💔💔

माफ़ी चाहता हू, तेरा गुनहगार हू ए दिल, तुझे उसके हवाले किया जिसे तेरी कदर नहीं.💔

दर्द की बात मत करो जिसने भी दिया है बेमिसाल दिया है |💔

मारना ही था तो गोली मार देते यूँ पल पल तड़पाने की वजह क्या है 💔

शीशे की तरह साफ़ हूँ फिर भी न जाने क्यू अपनों की समझ से बाहर हूँ..🥺

ना होने का एहसास सबको है, मौजूदगी की कदर किसी को नहीं...😊

बहुत नाराज़ थे तो रो पडे, अपनों से क्या ही शिकायत करते |🥺

थक कर मुस्कुरा देता हूं, जब रोया नहीं जाता हमसे!❤️‍🔥

बाहर से शांत दिखने के लिये अंदर से बहुत लड़ना पडता है |😉

जब रिश्तों में ग़लतफहमी आ जाये तो, सच्चा प्यार भी झूठा लगने लगता है. 💔😭😭

दुआ कभी खाली नही जाती, बस लोग इंतजार नही करते.🙏

खुबसूरत सा वो पल था, पर क्या करें वो कल था.😌

तकलीफ़ खुद ही कम हो गई, जब अपनों से उम्मीदें कम हो गई…😊😊

जो तुमसे तंग आ जाए उसे छोड़ दो, क्योंकि बोझ बन जाने से याद बन जाना बेहतर है..💯

तकलीफ़ अकेलेपन से नहीं, अंदर के शोर से है…🥺🥺

जिसकी गलतियों से भी मैंने रिश्ता निभाया है उसने बार-बार मुझे फालतू होने का एहसास दिलाया है!💔

सीख नही पायें हम मीठे झूठ का हुनर; कड़वे सच ने कई रिश्ते छीन लिए हमसे..❤️‍🔥

एक घुटन सी होती है जब कोई दिल में तो रहता है मगर साथ नहीं..💔

अपनी मर्जी से भी दो चार कदम चलने दें ऐ-जिन्दगी, तेरे कहने पे तो बरसों चलें हैं..🥺

टूट सा गया है मेरी चाहत का वजूद ,अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इज़हार नहीं करते😊

वो भी फुरसत में बैठकर �..कसर सोचती तो होगीं.. कि कितनी सीद्दत से मोहब्बत करता था कोई....🥺

आज भी लड़खड़ा जाती है आवाज़..जब कोई पूछता है तुम्हारे बारे में.. 💔

सबको अपनी मोहब्बत का सिला मिला में गरीब था साहब मुझे धोखा मिला 😊

सजा तो बहुत दी है ज़िंदगी ने पर कसूर क्या था वो नहीं बताया..😊

एक आखिरी मुलाक़ात की ख्वाहिश थी पर अलविदा भी वो फ़ोन पर ही कह गए....💔

बात कोई नहीं मानता, बात का बुरा सब मान जाते है...🥺

हर कोई बदल जाता है जब उन्हें आपसे कोई बेहतर मिल जाता है....💯💯

जिस जगह से कोई लौटकर नहीं आता, आज ना जाने क्यों वहां जाने का दिल कर रहा है...😞😞

तुझे पा लेते तो किस्सा ख़त्म हो जाता, तुम्हें खोया है तो यकीनन कहानी लंबी चलेगी...😊😊

लोग कहते है समझो तो खामोशियाँ भी बोलती है, मै अरसो से खामोश हूँ, वो बरसों से बेखबर है 💔

अंदर ही अंदर ख़त्म हो रहे है..गम नहीं तो, हम ही सही..|💔🥺