तेरी आदत इस तरह लगी है तारीफ किसी की भी करू ख़याल तेरा ही आता है !!

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मेरा और उसका क़िस्सा कुछ ऐसा है मेरी छोटी सी दुनिया का वो खूबसूरत हिस्सा है |

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दुरिया मायने नहीं रखती, जब दिल एक दुसरे के वफादार हो।

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शाम उतरने लगी है खिड़की पर, बेसबर आँखों को चाँद का इंतजार है..!

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तुम्हे तुमसे भी ज्यादा चाहने लगा हूँ, गुमसुम बैठे-बैठे मुस्कुराने लगा हूँ |

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न जाने कैसा नशा है ये आशिक़ का इसमें इंसान कम और खिलौना ज्यादा नज़र आता है |

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एक ही शक्य को धुड़ती है, ये निगाहें साहब, ये वो प्यार नहीं जो हर किसी से कर लु...।

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अगर कोई भूखा गरीब रास्ते के किनारे मिल जाये, तो अपनी टीफिन का खाना खिलाना भी मोहब्बत है..!!

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उसके मुस्कुराने के बाद पता चला, शिकायतें भी बड़ी हसीन होती हैं!

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जिसे पा नहीं सकते, यह जरूरी नहीं कि उसे प्यार करना भी छोड़ दिया जाए...

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मुझमें अपनी मुश्क मिला दी, फिर दुनिया रंगीन बना दी। मुझको अपनी सांसें कहकर, तुमने मेरी जान बचा दी।

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तुम एक कदम मेरी तरफ बढ़ा के तो देखो, ज़िन्दगी भर साथ ना चलु तो कहना।

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एक बार मेरी तरफ नज़रे उठा कर तो देखो, तमाम उम्र किसी और को नज़र उठा के देखु तो कहना।

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यूँ तो तैरने में बहुत माहिर हैं हम, फिर भी डूब जाते हैं अक्सर तेरे ख्यालो में...

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बदला भी क्या लूं तुमसे ,,आज भी हंसते हुए अच्छे लगते हो ।

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खैरियत पूछने वाले तो बहुत हैं मेरे पास ,, तलाश तो उसकी है जो खयाल भी रखे ।

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आप सामने हो और हम हद में रहे, मोहब्बत में कोई इतना भी शरीफ नहीं होता.!

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बहुत देखा है ज़िन्दगी में समझदार बनकर ,, मगर खुशी हमेशा पागल बनकर ही मिली है।

20

आप सामने हो और हम हद में रहे, मोहब्बत में कोई इतना भी शरीफ नहीं होता.!

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प्रेम हो तो राधा कृष्ण जैसा भले ही साथ ना हुए मगर नाम आज भी साथ लिया जाता है..!!

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अगर आपका प्यार आपको ना मिले तो, उनको प्यार जरूर देना जो आपसे प्यार करते हैं..!!

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कभी तुम नाराज़ हुए तो हम झुक जाएंगे, कभी हम नाराज़ हुए तो तुम गले लगा लेना...!!

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न शक न शिकवा न शिकायत थी हमें बस हर रोज तुम्हें देखने की आदत थी हमें |

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वह बचपना था या इश्क मालूम नहीं, मगर वो पेन मांगने वाला बहाना आज भी कहीं जिंदा है |

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रास्ता कैसा भी हो,पर साथ हमेशा पक्का होना चाहिए हमसफ़र अच्छा नहीं पर सच्चा होना चाहिए

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अभी तो उनसे नजरें मिली ही थीं, कि हम अपना दिल वहीं छोड़ आये! कहने को तो बहुत कुछ था, पर कम्बखत वक़्त को हम रोक न पाये!!

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हमने कहा दीवानगी क्या होती है, उसने कहा दिल तुम्हारा हुकूमत हमारी.

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अंजाम की ख़बर तो मीरा को भी थी, बात सिर्फ मोहब्बत निभाने की थी...!!

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उन्होंने पूछा तोहफे में क्या चाहिए, हमनें कहा वो मुलाकात जो कभी ख़त्म ना हो।

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बर्दाश्त नहीं तुम्हे किसी और के साथ देखना, बात शक की नहीं हक़ की है...!!

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कोई तो करता होगा हमसे भी ख़ामोश मोहब्बत किसी का हम भी अधूरा इश्क़ रहे होंगे |

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जिससे मिलने के बाद जीने की उम्मीद बढ़ जाये, समझना वही प्रेम है |

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