खुशनसीब है जो तुम्हे देख पाते है ❤️ हर किसी को यार का दीदार नसीब नहीं होता है।। 🥰

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कब तक बातों से दिल ❤️ बहलायें,अब वो मुझे रूबरू चाहिए !! 😊

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नजरें 👀 झुकी थी और चेहरे 😊 पे क्या नूर था, उसकी सादगी में भी कितना गुरुर था!❤️

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लिख दे, मेरा अगला जनम उसके नाम पे... ए खुदा... इस जनम में, इश्क थोडा कम पड़ गया है..! ❤️

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दस्तक़ और आवाज़ तो कानों के लिए है.. जो रूह को सुनाई दे उसे खामोशी कहते हैं..

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कान्हा को राधा ने प्यार का पैगाम लिखा, पुरे खत में सिर्फ कान्हा कान्हा नाम लिखा। 🥰🥰

40

इन आंखो को जब तेरा दीदार हो जाता है , मेरा तो हर दिन सांवरे त्योहार हो जाता है |

20

मेरा सफर अच्छा है, लेकिन मेरा हमसफर उससे भी अच्छा है!

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मै तो फना हो गया उसकी एक झलक देखकर ना जाने हर रोज़ आईने पर क्या गुजरती होगी।

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शोर सी है जिंदगी मेरी, सुकून सा है इश्क तेरा!!

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मैंने दबी आवाज में पूछा, मोहब्बत करने लगी हो, नजरें झुका कर वो बोली, "बहुत"

70

मैंने जब भी जाने की इजाजत माँगी, उन्होंने जुबाँ से हाँ कह के निगाहों से रोक लिया !!

48

होती रहेगी मुलाकाते तुमसे, नजर से दूर हो दिल से नहीं ॥

122

तू गुजर जाये करीब से.... वो भी मुलाकात से कम नहीं..

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हम जुड़े हुए हैं प्यार की डोर से, गुस्सा तो हो सकते हैं पर जुदा नही.!

72

क्या पता था कि मोहब्बत ही हो जायेगी, हमें तो बस तेरा मुस्कुराना अच्छा लगा था |

88

आज फिर उसने मुस्कुराके देखा मेरी तरफ और मैं फिर से दीवाना हो गया।।

43

जब कभी तुम मुस्कराओ बिना बात के, समझ लेना हमारी दुआ कबूल हो गयी।

33

मत हटाया करो यूँ दुपट्टे अपने चेहरे से, सीधा सा दिल मेरा बेइमान होने लगता है।

24

मैं भिखारी भी बन जाऊँगा तेरी खातिर, कोई डाले तो सही मेरी झोली में तुझे!

35

काश ऐसी भी कोई खूबसूरत रात हो, एक चाँद आसमान में और एक मेरे साथ हो।

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किस तरह खत्म करें उन से रिश्ता, जिन्हें सिर्फ सोचते हैं तो पूरी कायनात भूल जाते हैं..!!

32

तेरी आदत इस तरह लगी है तारीफ किसी की भी करू ख़याल तेरा ही आता है !!

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मेरा और उसका क़िस्सा कुछ ऐसा है मेरी छोटी सी दुनिया का वो खूबसूरत हिस्सा है |

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दुरिया मायने नहीं रखती, जब दिल एक दुसरे के वफादार हो।

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शाम उतरने लगी है खिड़की पर, बेसबर आँखों को चाँद का इंतजार है..!

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तुम्हे तुमसे भी ज्यादा चाहने लगा हूँ, गुमसुम बैठे-बैठे मुस्कुराने लगा हूँ |

34

न जाने कैसा नशा है ये आशिक़ का इसमें इंसान कम और खिलौना ज्यादा नज़र आता है |

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एक ही शक्य को धुड़ती है, ये निगाहें साहब, ये वो प्यार नहीं जो हर किसी से कर लु...।

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अगर कोई भूखा गरीब रास्ते के किनारे मिल जाये, तो अपनी टीफिन का खाना खिलाना भी मोहब्बत है..!!

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उसके मुस्कुराने के बाद पता चला, शिकायतें भी बड़ी हसीन होती हैं!

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जिसे पा नहीं सकते, यह जरूरी नहीं कि उसे प्यार करना भी छोड़ दिया जाए...

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