अंदाज मुझे भी आता है, नज़र अंदाज करने का पर तू तक़लीफ़ से गुजरे ये मुझे गवारा नही |❤️

88

प्यार की बातें हम से ना किया करो जनाब, हम मासुम लोग हैं, खामखां बहक जाएंगे।।❤️

90

सुरत तो फिर भी सुरत है.. मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते है!!🥰

109

कोई शख्स तो यूँ मिले, के वो मिले तो सुकून मिले...

109

इजहार से नहीं इन्तज़ार से पता चलता है, कि मोहब्बत कितनी गहरी है ! ❤️

197

एक शख्स जो मुझे रोज़ सताता है, मगर सुकून भी ना जाने क्यों, उसी के साथ आता है.🥰

141

गलती से ही सही एक कॉल लगा दो "गलती से लग गया था सॉरी" कहकर अपनी आवाज सुना दो!! 🥰

147

छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्श मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है!!😇

54

नही बस्ती किसी और की सूरत अब इन आंखों में, काश हमने तुझे कभी इतने गौर से न देखा होता |🤩🤩

76

ज़रूरत नही मुझे दुनिया के नज़ारों की, मेरे लिए तेरा एक दीदार काफी है |😍

79

प्यार का मतलब तो नहीं मालूम मुझे, मगर जब जब तुझे देखूँ दिल धड़कने लगता है।🥰

172

तुझसे नाराज होकर तुझसे ही बात करने का मन, ये दिल का सिलसिला भी कभी ना समझ पाये हम!.!❤️

116

मै जिंदगी गिरवी रख दुंगा,तु सीर्फ कीमत बता मुस्कुराने 😊 की. 😛

125

अजीब अंदाज़ है मेरे महबूब की मासूमियत का, मैं तस्वीर में भी देखूँ तो वो पलकें झुका लेती है |🥰🥰

94

मेरी ज़िन्दगी में तुम शामिल हो एसे, मंदिर के दरवाजे पर मन्नत के धागे हो जैसे..!❤️❤️

82

"दुनिया में मोहब्बत इसलिये बरकरार है, क्यूँकि इकतरफ़ा प्यार आज भी वफ़ादार है..💯❤️

138

तुम जब कहोगे हम तब मिलेंगे, लेकिन एक शर्त पर, न घड़ी तुम पहनोगे, न वक्त हम देखेंगे।❤️❤️

141

कभी मेरी नजरों से देख खुद को, खुद से मोहब्बत ना हो जाए. तो बेशक छोड़ देना मुझे ।।😍😍

176

तकदीर और मजहब ने अलग कर रखा है, वरना ये दिल तो कबसे उसका हो रखा है ।।❤️❤️

70

उसकी सलामति की दुआ, रोज मांगते है। दिन में एक दफ़ा खुदा से, भीख मांगते है। 🤲🤲

60

पहली बार देखा था, उसे गुस्सा करते हुए अच्छा लगा था, उसका मुझ पर हक़ जताते हुए |🥰🥰

88

हुस्न का क्या काम सच्ची मोहब्बत में, रंग सांवला भी हो तो यार कातिल लगता है।❤️❤️

90

न जाने क्या मासुमियत है तेरे चेहरे पर, तेरे सामने आने से ज्यादा तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है |😍😍

116

जिस शख्स की गलती, "गलती" ना लगे, किताब-ऐ-इश्क में उसे "महबूब कहते है ! 🥰🥰

47

लाज़मी है तुम्हारा खुद पर गुरूर करना, हम जिसे चाहे वो मामूली हो भी नहीं सकता..😍😍

65

कमाल की निशानेबाज हो तुम, तिरछी नजर से भी सीधा दिल पे वार करती हो।।🤩🤩

50

काश तुम भी मुझे ऐसे चाहो, जैसे तकलीफ़ में सुकून.🥰🥰

75

अगर दुबारा भी इश्क हुआ तो तुझी से होगा,खफा हूँ,बेवफा नहीं।👌😘

79

मुहब्बत कब हो जाए किसे पता, हादसे पूछ कर नही हुआ करते ❤️😍

71

जगह देनी है तो अपनी रूह में दे दो.. यूँ दिलों में तो, बहुतों के बसते हैं हम.🥰

59

नाराजगी है तेरी या बस बहाना रूठ जाने का, मैं खुद को भी हार जाऊं तेरे लिए, तू हक तो दे मनाने का 💞

65

बड़े संभल कर चल रहे थे, ज़िन्दगी के सफर में, उसने एक नज़र देखा और हम गुमराह हो गए 😍😍

61